Posted on फरवरी 29th, 2008 द्वारा संजय बेंगाणी
चौपाल है सुचना लेने देने के लिए. खुशी के क्षण है. पंकज बेंगाणी जो की हिन्दी चिट्ठाकार है, और मेरे अनुज है को कल पुत्र की प्राप्ति हुई. साथ ही मैं भी अब बुजुर्गो की श्रेणी में आ गया हूँ, अब मैं भी ताऊ बन गया हूँ. बहुत खुशी का मौका है, हिन्दी चिट्ठाजगत को भी भविष्य का ब्लॉगर मिल गया है.
और तरकश को एक और तीर
समस्त चिट्ठाजगत की ओर से पंकज-पूजा को बहुत बहुत बधाई व नन्हे-मून्ने को ढेर सारी शुभकामनाएं व आशीर्वाद.
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Posted on फरवरी 25th, 2008 द्वारा आलोक
मूल प्रविष्टि यहाँ थी, पर शुक्रवारी खामियाजा भुगतते हुए वह सोमवार तक दब गई, इसलिए यहाँ फिर से छाप रहा हूँ।
यूँ ही खाली बैठे थे - चिट्ठाजगत-संकलक कुछ दिन पहले बैंकॉक घूम के आया था, तब तक चिन्ता थी, अब आराम फ़रमाते हुए सोचा कि देखते हैं कुछ आँकड़े।
आइए, देखते हैं कि हिन्दी चिट्ठों की दुनिया में किस किस स्लेट पर कितने लोग लिखते हैं।

आप पाएँगे कि अधिकतम चिट्ठे ब्लॉग्स्पॉट पर ही आतिथ्यित हैं। वैसे यह बात तो हममें से अधिकतर को पता ही थी, लेकिन आँकड़े सामने रखना अच्छा रहता है। दिलचस्प बात यह है कि सौ से कुछ अधिक लोग ही अपने डोमेन पर चिट्ठेबाज़ी करते हैं।
एक और दिलचस्प बात यह है कि निजी डोमेन, ब्लॉग्स्पॉट, वर्ड्प्रेस वाले हिन्दी के चिट्ठे हटा दें, तो कुल जमा सौ चिट्ठे नहीं बचेंगे।

है न दिलचस्प?
क्या भारत आधारित नई सेवाओं के आने से हिन्दी के चिट्ठा लेखन में कोई फ़र्क आया है?
देखते हैं उन सेवाओं को जो पिछले साल के बाद ही शुरू हुई हैं - पिछले साल, २००७ की जून के बाद से १२०० नए चिट्ठे आए हैं, और भारत आधारित नई सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले चिट्ठे केवल साठ के आसपास ही हैं। यानी नए चिट्ठों में से कुल पाँच फ़ीसदी ने भारत आधारित सेवाओं का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया।
कारण क्या हैं, यह आप ही सोचें और बताएँ। आखिर चुनाव भी आप ही ने किया है न।
यह आँकड़े प्रायः सभी हिन्दी के चिट्ठों का प्रतिनिधित्व करते हैं, शायद ९९% का।
लाते रहेंगे इसी तरह के दिलचस्प आँकड़े आपके पास।
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Posted on फरवरी 16th, 2008 द्वारा आलोक
तकनीकी वजहों से चिट्ठाजगत.इन संकलक कुछ घंटों के लिए अनुपलब्ध रह सकता है। समस्या का निदान शीघ्र हो जाएगा, निदान होते ही सूचित करेंगे। धन्यवाद।
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Posted on फरवरी 8th, 2008 द्वारा संजय बेंगाणी
अक्षरग्राम की इस चौपाल का उपयोग चिट्ठाकारों द्वारा किसी घोषणा के लिए होता रहा है, और इसका उद्देश्य भी यही है.
इसी चौपाल से हिन्दी चिट्ठाकार आज प्रोफेसर र.कृ, जोशी को श्रद्धाञ्जली देते है. हम चिट्ठाकारी के माध्यम से हिन्दी के प्रसार का दावा करते रहे है, मगर सच्चाई यह है की श्री जोशी के अथक प्रयासों के कारण ही हम हिन्दी चिट्ठाकार हिन्दी में अपना सन्देश प्रसारित करने में सक्षम हो रहे हैं.
चिट्ठाकार समूह पर हरिराम भाई द्वारा लिखा गया संदेश यहाँ रखना चाहता हूँ,
“भारतीय लिपियों के कम्प्यूटरीकरण हेतु सुन्दर फोंट डिजाइन करनेवाले, टाइपोग्राफर, कैलिग्राफर तथा युनिकोड मानकों के निर्धारण के लिए निरन्तर तपस्यारत, प्रोफेसर र.कृ, जोशी जी का 5 फरवरी को सान फ्रांसिस्को, अमेरिका में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। प्रो. जोशी जी वैदिक संस्कृत स्वर-चिह्नों के युनिकोड मानकीकरण के सम्बन्ध में युनिकोड कोन्सोर्टियम की एक बैठक में विशेष उपस्थापन पेश करने के लिए सान-फ्रांसिस्को गए हुए थे। प्रो. जोशी सी-डैक, मुम्बई में विजिटिंग डिजाइन स्पेशलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। श्री जोशी के अथक प्रयासों के प्रतिफल स्वरूप ही आज हम सभी हिन्दी चिट्ठाकार हिन्दी में अपना सन्देश प्रसारित करने में सक्षम हो रहे हैं। उन्होंने अनेकानेक फोंट्स के कम्प्यूटरीकरण किए, जिसमें लिनक्स प्लेटफॉर्म में हिन्दी का रघु, तथा माईक्रोसॉफ्ट विण्डोज का डिफॉल्ट हिन्दी फोंट मंगल शामिल है। प्रोफेसर जोशी भारतीय भाषाओं/लिपियों के कम्प्यूटरीकरण को पूर्णतः फोनेटिक, सरल, सपाट और
एकमुखी बनाने के लिए मौलिक शोधपूर्ण सरल प्रौद्योगिकी के मानकीकरण के लिए सतत् प्रयत्नशील थे।
इनके बारे में विशेष विवरण यहाँ उपलब्ध है.
हम उनकी आत्मा का शान्ति के लिए ईश्वर से हार्दिक प्रार्थना करते हैं और उनके द्वारा चलाए जा रहे अभियान की सम्पूर्ण सफलता के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित करते हैं।
उनके प्रति श्रद्धाञ्जलि व्यक्त करने के लिए कृपया यहाँ ई-मेल करें.
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Posted on जनवरी 30th, 2008 द्वारा संजय बेंगाणी
स्वर्ण कलम 2007 की चुनावी प्रक्रिया के समाप्त होने के साथ ही साल का पहला चिट्ठा-उत्सव समाप्त हो रहा है.
महीने भर चले इस उत्सव में हिन्दी चिट्ठाकारों ने नामांकन तथा मतदान में भारी उत्साह से भाग लिया.
इस वर्ष जिन्हे चिट्ठाकारों तथा चिट्ठापाठको के सर्वाधिक मत मिले और विजयी रहे वे हैं:
रंजना भाटियाजी व मोहिंदर कुमारजी
विजेताओं को ढेर सारी बधाई व शुभकामनाएं.
विस्तृत विवरण यहाँ उपलब्ध है.
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