लज्जा
From सर्वज्ञ
यदि कोई लडकी लज्जा का त्याग कर देती है तो अपने सौन्दर्य का सबसे बडा आकर्षण खो देती है । — सेंट ग्रेगरी
धनधान्यप्रयोगेषु विद्यासंग्रहणेषु च । आहारे व्यवहारे च , त्यक्तलज्जः सुखी भवेत ॥
( धन-धान्य के लेन-देन में , विद्या के उपार्जन में , भोजन करने में और व्यवहार मे लज्जा-सम्कोच न करने वाला सुखी रहता है । )
