धैर्य

From सर्वज्ञ

धीरज प्रतिभा का आवश्यक अंग है । — डिजरायली

सुख में गर्व न करें , दुःख में धैर्य न छोड़ें । - पं श्री राम शर्मा आचार्य

धीरे-धीरे रे मना , धीरे सब कुछ होय । माली सींचै सौ घडा , ऋतु आये फल होय ॥ — कबीर

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