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अक्षरग्राम नेटवर्क

Tue 07 October, 2008

Shivani द्वारा 02:59 am (IST) पर
चिट्ठा : UMHindi
मुझे बचपन से ही किताबें पड़ने का बहुत शौक है। एक साल पहले मैंने "माय सिस्टर'स कीपर" पड़ी थी और अब तक वह मेरे सबसे मनपसंद किताबों में से है। यह कहानी एक तेरा साल की लड़की 'अन्ना' के बारे में है। अन्ना की बहन 'कैट' को लूकीमिया (खून
द्वारा 02:42 am (IST) पर
चिट्ठा : जीवन दर्शन
प्रथम विश्व युद्ध के दिनों का वाकया है! दो गहरे दोस्त अपने देश की तरफ़ से लड़ रहे थे और एक ही मोर्चे पर तैनात थे! दोनों दोस्त अपनी- अपनी खंदकों में पोजीशन लेकर दुश्मनों का सामना कर रहे थे! बम फूट रहे थे और गोलियाँ कानो को छूकर निकल
Rajesh Joshi द्वारा 02:26 am (IST) पर
चिट्ठा : कबाड़खाना
लंदन में पतझड़ की हवाएँ चलने लगी हैं. चिनार के पेड़ों पर पत्ते अभी तक तो हरे हैं लेकिन अब उनके पीले पड़ने और टूट टूट कर गिरने की शुरुआत हो चुकी है. अमरीकी पूँजीवाद संकट से घिरा है. सट्टेबाज़ी से खरबपति हो गए या होने का स्वप्न देखने वाले
dr. ashok priyaranjan द्वारा 02:12 am (IST) पर
चिट्ठा : ashokvichar
-डॉ. अशोक़प्रियरंजन मेरठ के सरधना क्षेत्र के े गांव वपारसी के े ग्रामीणों ने पंचायत के े बाद जो फैसला लिया वह यह सवाल खडे करता है कि लडकियों को अपनी जिंदगी की राह में तरक्की के े फूल खिलाने के े लिए कितनी लडाइयां लडऩी होंगी । कॉलेज पढऩे
Vivek Satya Mitram द्वारा 02:02 am (IST) पर
चिट्ठा : बहरहाल...
आप भी हर रोज मिलते हैं उन लड़कियों से। कभी पार्क में, कभी मॉल में, कभी किसी रेस्टोरेंट में तो...कभी राह चलते सड़क पर। वो जब खुश होती हैं...तब भी उनके चेहरे पर खुशी के भाव नहीं होते। वो अपने आशिक की बाहों में बाहें डालकर तो चलती हैं...मगर बेफिक्र
Krishna Kumar Mishra द्वारा 01:53 am (IST) पर
चिट्ठा : जंगल कथा
१- डीयर पार्क लखीमपुर खीरी में बचा अन्तिम खरगोश २- बाढ़ से पूर्व यहाँ तीन खरगोश थे जो इस फोटो में देख सकते है ३-बाढ़ में तीन दिनों से खडा ये चीतल मानो हमसे सहायता माग रहा हो ४-तीन दिन पूर्व बाढ़ से पहले पार्क में मौजूद हिरन (चीतल) ५-
Yusuf Kirmani द्वारा 01:45 am (IST) पर
चिट्ठा : हम सब की बात
बच्चों को लेकर समाज संवेदनहीन (Enotionless)होता जा रहा है। बच्चे घर से निकलते हैं स्कूल जाने के लिए और बुरी संगत में पडक़र या तो नशा (Darug Addict) करने लगते हैं या फिर अपराधी गिरोहों के हत्थे चढ़ जाते हैं। शहरों में मां-बाप पैसा कमाने के चक्कर में बच्चों
सुमित ठाकुर द्वारा 01:41 am (IST) पर
पिछले दिनों कुछ आवश्यक कार्य से मुझे इलाहाबाद जाना पड़ा , वहा पर रात को देरी से पहुँचने की वजह से मुझे कुछ घंटे प्लेटफोर्म पर ही बिताने पड़े , इस पोस्ट को मैने डायरी में तो वही बैठे-बैठे ही लिखा किंतु आपके समक्ष अब प्रस्तुत कर रहा हूँ ।
विजय ठाकुर द्वारा 01:31 am (IST) पर
चिट्ठा : तत्काल
विश्व बैंक की तरफ से गैर पेशेवर लोगों द्वारा जलवायु परिवर्तन के सामाजिक प्रभाव वाले पक्षों पर छोटी छोटी फिल्मों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है। तो आप भी उठाइये अपना कैमरा और बना डालिये अपने आस पास मौज़ूद जलवायु परिवर्तन के अनछुए पहलू पर कोई लघु फिल्म…क्या
अजित वडनेरकर द्वारा 01:22 am (IST) पर
भारत सुल्तानों-नवाबों के वक्त से ही गुलामों का प्रचलन रहा है। स्थानी रजवाड़ों में भी गुलामों की भरमार रहती थी जिन्हें हब्शी कहते थे। अरब और पूर्वी अफ्रीकी राज्यों से भारत के व्यापारिक रिश्ते थे। भारत में केरल से गुजरात तक के पश्चिमी तट पर माल उतारा जाता था।
Lia द्वारा 01:20 am (IST) पर
चिट्ठा : Lia's Hindi Journals
शरद् मेरी प्रिय ऋतु है | ऐन अरबर में फ़ॉल बहुत खूबसूरत है | पत्ते आग की तरह देखते हैं | पेड़ की डाल लाल नारंगी पीले ऱत्न भर गया | शीतल हवा चल रही है, तेज़ और स्फूर्तिदायक | अपना मन में रंग, धूप, और हवा नाच और खेल
Irshad Sir द्वारा 01:07 am (IST) पर
चिट्ठा : Irshadnama
अब तुम मुझे पसन्द नहीं बुढ़ी हो गई है मेरी सोच जा चुका है बसन्तउत्सव जो कभी आया ही नही रोज के लिये भी नही बचा कुछ सूख गई मिटटी सभी गमलों की किसी बीज की प्रतिक्षा में अब तुम मुझे पसन्द नहीं बुढ़ी हो गई है मेरी सोच दिल
latajain द्वारा 01:00 am (IST) पर
चिट्ठा : vayanjan.com
सामग्री आलू उबले = 250 ग्राम गाजर कसी = 1 शिमला मिर्च कटी = 2 चम्मच हरा धनिया कटा = 2 चम्मच सिंघाडे का आटा या बेसन = 3 चम्मच काली मिर्च पाउडर = ½ चम्मच सेन्धा नमक = स्वादानुसार नीम्बू का रस = ½ चम्मच तेल या घी
गौरव द्वारा 12:59 am (IST) पर
फिर आज मेरे रूबरू हैं, मुझे डराने आए हैं, वो सवाल....... पूछा करता था, मेरा दिल जो मुझसे......... अब तो न टूटने दोगे कभी........? एक बिखरते शीशे का दर्द, उसका अक्स ही समझा होगा, आइना होता तो, मेरा भी अक्स होता, किसी ने समझा होता.......... फिर से आज कोई
Geetashree द्वारा 12:59 am (IST) पर
चिट्ठा : नुक्कड़ Nukkad
ये है अपनी इरा दीदी. पत्रकारिता के शुरुआती दौर में मुझ जैसी कई नई लड़कियो की प्रेरणा. हमने जब सोचा कि इस पेशे में जाएंगे तब तलाश शुरु हुई अपने आदर्श की. महिलाओं में चंद नाम ही थे सामने. उनमें एक इरा जी का भी था जो बाद में मेरी
Irshad Sir द्वारा 12:55 am (IST) पर
चिट्ठा : Irshadnama
हम सदैव किसी न किसी प्रस्तुतिकरण के दौर में रहते है। हर समय हमें बहुत से लोग देख रहे होते है। जब वह हमें देखते है तो हमारे बारे में सोचते है। हमारी छवि का आकलन करने लगते है। यह सब वह होते है जो रोज ही हमसे मिलते है।
स्वप्रेम तिवारी द्वारा 12:54 am (IST) पर
चिट्ठा : खबरचीलाल
किसकी नज़र लग गई हमारे अच्छे खासे फूले ताज़े शेयर बाज़ार को। ये अमेरिका वालों ने तो अपनी ऐसी की तैसी कराई ही साथ ही दुनिया भर को लंगड़ा बनाने के माहौल पैदा कर दिये। अपने तो दुनिया भर का पैसा मार कर फिर उन्हीं सट्टेबाज़ों को बचाने में लगे
मग्गा बाबा द्वारा 12:47 am (IST) पर
एक राजा जंगल में शिकार खेलने जाया करता था ! उसी रास्ते में सड़क किनारे एक फकीर की कुटिया भी थी ! तो राजा जब भी उधर से निकलता तब उसकी फकीर से दुआ सलाम होने लग गई ! और धीरे २ राजा की उस फकीर में श्रद्धा हो
CHINMAY द्वारा 12:37 am (IST) पर
चिट्ठा : Aakalp
गोल्डी बहल कि द्रोणा देखकर सिनेमा हाल में दर्शकों को इतना रोना आया कि वहां के हालत बाढ़ जैसे हो गए और कई टाकीजों में शो रद्द करने पड़े। भगवान् बचाए ऐसी फिल्मों और फ़िल्म वालों से जो सिर्फ़ अपना टाइमपास करने के लिए फिल्म बनाते है, जिन्हें ना
Irshad Sir द्वारा 12:35 am (IST) पर
चिट्ठा : Irshadnama
अपनी अभिव्यक्तियों को अभिव्यक्त किजिए बिना किसी डर, सकोंच और हिचकिचाहट के, ये संसार तुम्हारी प्रतिक्षा मे है। और तुम सिद्ध करो अपना औचित्य कि तुम श्रेष्ठ हो। हमारे मन के किसी कोने में जब किसी कला ने जन्म लिया था और हमने कल्पनाओं के पंखों से उड़कर उसे अपने
पंकज शुक्ल द्वारा 12:25 am (IST) पर
(ज्ञानदत्त पाण्डेय जी के ब्लॉग से साभार) ठगी का प्रसंग:....रात मा जब हमरे सब रुकेन तौ हमैं इहै सोचि-सोचि कै बहुत देर तक नींद नहीं आ‌ई कि ई सब ठग हैं! हम जागै कै पूरी कोसिस किहेन लेकिन थोडी देर बाद सो‌इ गयन! कुछै देर बीता कि हमार आंख मुर्गा
JAI SINGH द्वारा 12:22 am (IST) पर
पाकिस्‍तानी शायर अफ़जाल अहमद की यह कविता नौजवानों की पत्रिका 'आह्वान' में पढ़ने को मिली... शायरी मैंने ईजाद की काग़ज़ मराकशियों ने ईजाद किया हरूफ़ फीनिशियों ने शायरी मैंने ईजाद की कब्र खोदने वाले ने तन्‍दूर ईजाद किया तन्‍दूर पर कब्‍ज़ा करने वालों ने रोटी की पर्ची बनायी रोटी लेने
Ajay Singh द्वारा 12:21 am (IST) पर
चिट्ठा : साधन-माला
हनुमत्सहस्त्र नामावली विनियोगः- ॐ अस्य श्रीहनुमत्सहस्त्रनामस्तोत्रमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषिः हनुमान देवता, अनुष्टुप छन्द, ह्रां बीजं श्रीं शक्ति, श्रीहनुमत्प्रीत्यर्थं-तद्सहस्त्रनामभिरमुकसंख्यार्थ पुष्पादिद्रव्य समर्पणे विनियोगः। ध्यानः- ध्यायेद् बालदिवाकर-द्युतिनिभ देवारिदर्पापहं देवेन्द्रमुख-प्रशा्तयकसं देदीप्यमान रुचा। सुग्रीवादिसमतवानरयुतं सुव्यक्ततत्त्वप्रियं संरक्तारुणलोचनं पवनजं पीताम्बरालंकृतम्।। उद्यदादित्यसंकाशमुदारभुजविक्रमम्। कन्दर्पकोटिलावण्य सर्वविद्याविशारदम्।। श्रीरामहृदयानन्दं भक्तकल्पमहीरुहम्। अभयं वरदं दोर्म्मा चिन्तयेन्मारुतात्मजम्।। ॐ
geet gazal ( गीत ग़ज़ल ) ) द्वारा 12:21 am (IST) पर
यह ग़ज़ल प्रसिद्द शायर श्री सिब्बन बैज़ी की है - कब तलक दिखलाएंगी रास्ता मियां जिंदगी के दस्त में चालाकियां कारगर साबित हुई अक्सर हमें ताज से बढ़कर सफर में जूतियाँ देखते हम भी तमाशा क्या करें सिर्फ़ किस्सों में बची है नेकियाँ सोचकर हमने यही सर रख दिया
PARVINDER SINGH द्वारा 12:13 am (IST) पर
आज तुने जो हिम्मत दिखाई है मेरी जान मे फिर से जान आई है !! अपने हक के लिए बोलना बहुत सिखाया मैंने आज तुने जुबां खोल कर मेरी इज्ज़त बढ़ाई है !! खुद के लिए लड़ना कभी गलत नहीं रहा लेकिन ज़ुल्म सहना सबसे बड़ी बुराई है !!
MEDIA WATCH GROUP द्वारा 12:12 am (IST) पर
चिट्ठा : Campus-Watch
कुलाधिपति द्वारा अनुमोदित पाठ्यक्रम से स्वायत्ता के नाम पर छेड़छाड़ करना कॉलेजों को मंहगा सौदा साबित हो सकता है। पाठ्यक्रम मे फेरबदल करने के दोषी पाए जाने कॉलेज का न केवल उसको दिया जाने वाला अनुदान रोका जा सकता है बल्कि छात्रों की डिग्री भी अमान्य कर दी जाएगी। उच्च
निशांत मिश्र द्वारा 12:08 am (IST) पर
चिट्ठा : ज़ेन कथाएँ
ज़ेन मास्टर हाकुइन जिस गाँव में रहता था वहां के लोग उसके महान गुणों के कारण उसको देवता की तरह पूजते थे। उसकी कुटिया के पास एक परिवार रहता था जिसमें एक सुंदर युवा लड़की भी थी। एक दिन उस लड़की के माता-पिता को इस बात का पता चला
Abhivyakti द्वारा 12:07 am (IST) पर
चिट्ठा : Abhivyakti
दादा की श्वेत मित्र मंडली पीटर और स्टीव भी हाथ हिलाते उन की ओर बढ़ रहे थे । शकुन जी ने तुंरत उन दोनों को भी न्यौत दिया था .... दादा शुरू हो गए अपने सोमनाथ के खंडहरों ,हड़प्पा और मो एन जो दारो की खुदाई कथा को ले कर
MEDIA WATCH GROUP द्वारा 12:06 am (IST) पर
चिट्ठा : Sagar Watch
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इण्डिया जिले की सभी आठों विधानसभा सीटा पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगी। यह बात पार्टी के प्रदेशाघ्यक्ष डॉ० मोहनलाल पाटील ने रविवार को पत्रकार वार्ता मे कही। श्री पाटिल ने कहा कि पार्टी का चुनावी मुद्दा गरीब, छुआछूत, अशिक्षा, मंहगाई, भ्रष्टाचार मिटाना मुख्य समस्याएं होगीं। लेकिन पानी,

Mon 06 October, 2008

अमित अग्रवाल द्वारा 11:58 pm (IST) पर
चिट्ठा : Hindi
जानकर अच्छा लगा की कई लोगों को हमारे इस पोस्ट की प्रतीक्षा थी| लीजिये हम आ गए हैं आपको इस जानकारी से अवगत करवाने| बिल्लियाँ एक ऐसा प्राणी हैं, जो अद्भुत रूप से अपने शरीर को हवा में ही घुमा सकती हैं और नीचे गिरने से पहले अपने शरीर को
haryashwa द्वारा 11:45 pm (IST) पर
चिट्ठा : Radha Ka Kanh
कृष्ण स्वयं को सहेज नही प् रहे थे। कल तक वे एक नंदकिशोर गोपालक हुआ करते थे और आज वे यदु वंश की नींव का पत्थर बनने जा रहे थे। अत्यन्त नाटकीयता से कंस का वध तो हुआ परन्तु सभी जानते है कि यह एक पूर्वनियोजित योजना थी। पिता वासुदेव
निशांत मिश्र द्वारा 11:37 pm (IST) पर
चिट्ठा : ज़ेन कथाएँ
मेइज़ी युग (१८६८-१९१२) के नान-इन नामक एक ज़ेन गुरु के पास किसी विश्वविद्यालय का एक प्रोफेसर ज़ेन के विषय में ज्ञान प्राप्त करने के लिए आया। नान-इन ने उसके लिए चाय बनाई। उसने प्रोफेसर के कप में चाय भरना प्रारम्भ किया और भरता गया। चाय कप में लबालब भरकर
Web Media द्वारा 11:31 pm (IST) पर
छत्तीसगढ़ प्रदेश के 17 हजार 606 गांवों में ग्राम स्वच्छता समितियों का गठन | पन्द्रह हजार 326 समितियों को 15.32 करोड़ रूपए का आबंटन   रायपुर, 06 अक्टूबर  2008 - मुख्यमंत्री स्वस्थ पंचायत योजना के अन्तर्गत प्रदेश के सभी गांवों में ग्राम एवं स्वच्छता समितियों का गठन किया जा रहा
दीपक भारतदीप द्वारा 11:28 pm (IST) पर
उनकी आँखों में प्यार का दरिया हमेशा बहता लगता है क्योंकि बाज़ार के खिलाडी हैं जहां इन्हीं अदाओं पर सौदागर का काम चलता है बाज़ार में दोस्ती होती नहीं की जाती हैं फायदे के लिए चले तो कई बरसों तक प्यार और दोस्ती का सफ़र यूं ख़त्म हो जाता है
Giriraj agrawal द्वारा 11:28 pm (IST) पर
चिट्ठा : अफसरशाही
राजस्थान सरकार ने मंगलवार को अलग-अलग आदेश जारी करके चुनाव आचार संहिता लगने से पहले एक बार फिर राज्य प्रशासन में फेरबदल किया है. इस बार राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के 61 और राजस्थान पुलिस सेवा (आरपीएस) के 16 अफसरों के तबादले किए हैं.इनमें ज्यादातर अफसर वे हैं जो अपने
SUNIL KUMAR द्वारा 11:17 pm (IST) पर
चिट्ठा : www.canvasnews.com
सुरेश कोहली सौजन्य: जनसत्ता इस बात को काफी समय नहीं हुआ है जब फिल्म निर्माता यह नहीं जानते थे कि वे अपनी फिल्म के हिट या फ्लॉप होने के बाद बचे हुए पोस्टरों का क्या करें। इन्हें अक्सर अलमारियों, रसोईघर, नहानघर या बड़े निर्माताओं के गोदामों में अक्सर रख दिया
adwet द्वारा 11:15 pm (IST) पर
चिट्ठा : sohni city
लगता है हरियाणा पुलिस ने कसम खा ली है कि वह नहीं सुधरेगी। सरिता कांड, सुमन कांड और ऐसे ही कई कांड उसकी आंखें नहीं खोल पा रहे हैं। चोर मजे से अपने काम को अंजाम देते हैं। पुलिस को सूचित किया जाता है तो वह अगले दिन सुबह पहुंचती
alakh niranjan द्वारा 11:12 pm (IST) पर
चिट्ठा : अलखबाड़ा
कोई सात साल पहले की बात है. मैं हमेशा डरा-डरा सा अनुभव करता था. मैं बचपन से ही बहुत संवेदनशील था इसलिए छोटी-छोटी घटनाएं भी मेरे मन में बहुत गहरे बैठ जाया करती थीं. उस समय तो मैं उसे बाहर व्यक्त नहीं होने देता था लेकिन १२-१३ साल की उम्र
DELTA द्वारा 11:10 pm (IST) पर
चिट्ठा : DELTA
दोस्तों, आज हमने डेल्टा की पहली वर्ष गाँठ मनाई, माँ कात्यायनी के चरणों में, छतरपुर मन्दिर,नयी दिल्ली में। पिछले वर्ष षष्ठी तिथि को ही हमारे एक माननीय सदस्य ने माता वैष्णो देवी के दरबार में डेल्टा की स्थापना की थी, संकल्प लिया था। पिछले वर्ष हम कुछ लोगों ने एक
महावीर द्वारा 10:58 pm (IST) पर
चिट्ठा : महावीर
नाम : दीपा जोशी जन्मतिथि : 7 जुलाई 1970 स्थान : नई दिल्ली शिक्षा : कला व शिक्षा स्नातक, क्रियेटिव राइटिंग में डिप्लोमा और रेडियो राइटिंग में PG. कार्यक्षेत्र : भारतवर्ष के हृदय ‘दिल्ली’ में सूचना व प्रसारण मंत्रालय में कार्यरत। मासिक पत्रिकाओं व हिन्दी दैनिक में कुछ लघु लेखों
aaj ki Aawaaz द्वारा 10:53 pm (IST) पर
चिट्ठा : भड़ास
एक तरफ़ निजी क्षेत्र हैं जहाँ छुटि्टयों के लिए इन्तजार करना पड़ता है और दूसरी तरफ़ सरकारी कार्यालय हैं जो खुलने से ज्यादा बंद रहते हैं [ खुलते भी हैं तो कितना काम करते हैं ? ] विदेशों की नक़ल कर के उन्होंने सप्ताह में दो दिन छुट्टी कर
aaj ki Aawaaz द्वारा 10:51 pm (IST) पर
चिट्ठा : भड़ास
एक तरफ़ निजी क्षेत्र हैं जहाँ छुटि्टयों के लिए इन्तजार करना पड़ता है और दूसरी तरफ़ सरकारी कार्यालय हैं जो खुलने से ज्यादा बंद रहते हैं [ खुलते भी हैं तो कितना काम करते हैं ? ] विदेशों की नक़ल कर के उन्होंने सप्ताह में दो दिन छुट्टी कर
Ajay Singh द्वारा 10:47 pm (IST) पर
चिट्ठा : साधन-माला
हनुमत्सहस्त्र नामावली विनियोगः- ॐ अस्य श्रीहनुमत्सहस्त्रनामस्तोत्रमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषिः हनुमान देवता, अनुष्टुप छन्द, ह्रां बीजं श्रीं शक्ति, श्रीहनुमत्प्रीत्यर्थं-तद्सहस्त्रनामभिरमुकसंख्यार्थ पुष्पादिद्रव्य समर्पणे विनियोगः। ध्यानः- ध्यायेद् बालदिवाकर-द्युतिनिभ देवारिदर्पापहं देवेन्द्रमुख-प्रशा्तयकसं देदीप्यमान रुचा। सुग्रीवादिसमतवानरयुतं सुव्यक्ततत्त्वप्रियं संरक्तारुणलोचनं पवनजं पीताम्बरालंकृतम्।। उद्यदादित्यसंकाशमुदारभुजविक्रमम्। कन्दर्पकोटिलावण्य सर्वविद्याविशारदम्।। श्रीरामहृदयानन्दं भक्तकल्पमहीरुहम्। अभयं वरदं दोर्म्मा चिन्तयेन्मारुतात्मजम्।। ॐ
Raviratlami द्वारा 10:45 pm (IST) पर
चिट्ठा : Raviratlami Ka Hindi Blog
महिलाओं का देर रात घर से बाहर निकलना साहस की बात नहीं है. चलिए, मान लिया. तो, आखिर वे क्या-क्या बातें हो सकती हैं जिन्हें, बकौल शीला दीक्षित, साहस की बात कही जा सकती है? चलिए एक राउंडअप लेते हैं – *एक नेता के लिए : 25 करोड़ लेकर
aaj ki Aawaaz द्वारा 10:43 pm (IST) पर
चिट्ठा : Aawaaz
एक तरफ़ निजी क्षेत्र हैं जहाँ छुटि्टयों के लिए इन्तजार करना पड़ता है और दूसरी तरफ़ सरकारी कार्यालय हैं जो खुलने से ज्यादा बंद रहते हैं [ खुलते भी हैं तो कितना काम करते हैं ? ] विदेशों की नक़ल कर के उन्होंने सप्ताह में दो दिन छुट्टी कर
Mayurika द्वारा 10:39 pm (IST) पर
चिट्ठा : Dil Se..
पंडित रमाशंकर अपने शहर के बहुत मशहूर पंडित थे। पुरे शहर में सभी उनका सम्मान करते थे। सारा शहर उन्हें बहुत ही न्याय प्रिया और दयालु मानते थे। यूँ तो पंडित रमाशंकर बहुत दयालु थे, पर उन्हें अपने ब्राम्हण होने पर बड़ा ही घमद था। वे सोचते कि ब्राम्हण भगवन
savita verma द्वारा 10:36 pm (IST) पर
 -फिरदौस खान-बेशक भारत आर्थिक और परमाणु शक्ति बनने की ओर अग्रसर है, लेकिन बच्चों के स्वास्थ्य के मामले में वह काफी पीछे है। मध्य प्रदेश में कुपोषण से हो रहीं मौतें इस बात को साबित करने के लिए काफी हैं। गौरतलब है कि पिछले करीब एक पखवाड़े में मध्यप्रदेश के
love is life द्वारा 10:32 pm (IST) पर
चिट्ठा : kuchhatke
मोनालिसा की रहस्यमयी मुस्कान को भला कौन भुला सकता है। आइये आपको मिलवाते हैं 'इंडियन मोनालिसा' से। बीएचयू स्थित भारत कला भवन में कुषाण काल की सर्वाधिक सुंदर स्त्री की मूर्ति है जिसका नाम 'प्रसाधिका' है। मोनालिसा की पेंटिंग की तरह ही इस प्रसाधिका की खासियत भी यह है
Rajeev Sharma द्वारा 10:25 pm (IST) पर
चिट्ठा : Do Took
vinay k joshi द्वारा 10:25 pm (IST) पर
चिट्ठा : vinay-vishesh
थम जाते है कदम मेरे लिए चेतना का हर पल मुझे समर्पित है हर आह हर सिसकी पर रहता है मेरा नाम लेकिन हर एक को अपने से अलग करने की कोशिश में पाता हूँ मै जिस्म में चुभा कांटा हूँ चीखो चिल्लाओ कोहराम मचा दो पर मुझे तो ना

 

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