Tue 07 October, 2008
मुझे बचपन से ही किताबें पड़ने का बहुत शौक है। एक साल पहले मैंने "माय सिस्टर'स कीपर" पड़ी थी और अब तक वह मेरे सबसे मनपसंद किताबों में से है। यह कहानी एक तेरा साल की लड़की 'अन्ना' के बारे में है। अन्ना की बहन 'कैट' को लूकीमिया (खून …
प्रथम विश्व युद्ध के दिनों का वाकया है! दो गहरे दोस्त अपने देश की तरफ़ से लड़ रहे थे और एक ही मोर्चे पर तैनात थे! दोनों दोस्त अपनी- अपनी खंदकों में पोजीशन लेकर दुश्मनों का सामना कर रहे थे! बम फूट रहे थे और गोलियाँ कानो को छूकर निकल …
लंदन में पतझड़ की हवाएँ चलने लगी हैं. चिनार के पेड़ों पर पत्ते अभी तक तो हरे हैं लेकिन अब उनके पीले पड़ने और टूट टूट कर गिरने की शुरुआत हो चुकी है. अमरीकी पूँजीवाद संकट से घिरा है. सट्टेबाज़ी से खरबपति हो गए या होने का स्वप्न देखने वाले …
-डॉ. अशोक़प्रियरंजन मेरठ के सरधना क्षेत्र के े गांव वपारसी के े ग्रामीणों ने पंचायत के े बाद जो फैसला लिया वह यह सवाल खडे करता है कि लडकियों को अपनी जिंदगी की राह में तरक्की के े फूल खिलाने के े लिए कितनी लडाइयां लडऩी होंगी । कॉलेज पढऩे …
आप भी हर रोज मिलते हैं उन लड़कियों से। कभी पार्क में, कभी मॉल में, कभी किसी रेस्टोरेंट में तो...कभी राह चलते सड़क पर। वो जब खुश होती हैं...तब भी उनके चेहरे पर खुशी के भाव नहीं होते। वो अपने आशिक की बाहों में बाहें डालकर तो चलती हैं...मगर बेफिक्र …
१- डीयर पार्क लखीमपुर खीरी में बचा अन्तिम खरगोश २- बाढ़ से पूर्व यहाँ तीन खरगोश थे जो इस फोटो में देख सकते है ३-बाढ़ में तीन दिनों से खडा ये चीतल मानो हमसे सहायता माग रहा हो ४-तीन दिन पूर्व बाढ़ से पहले पार्क में मौजूद हिरन (चीतल) ५- …
बच्चों को लेकर समाज संवेदनहीन (Enotionless)होता जा रहा है। बच्चे घर से निकलते हैं स्कूल जाने के लिए और बुरी संगत में पडक़र या तो नशा (Darug Addict) करने लगते हैं या फिर अपराधी गिरोहों के हत्थे चढ़ जाते हैं। शहरों में मां-बाप पैसा कमाने के चक्कर में बच्चों …
पिछले दिनों कुछ आवश्यक कार्य से मुझे इलाहाबाद जाना पड़ा , वहा पर रात को देरी से पहुँचने की वजह से मुझे कुछ घंटे प्लेटफोर्म पर ही बिताने पड़े , इस पोस्ट को मैने डायरी में तो वही बैठे-बैठे ही लिखा किंतु आपके समक्ष अब प्रस्तुत कर रहा हूँ । …
विश्व बैंक की तरफ से गैर पेशेवर लोगों द्वारा जलवायु परिवर्तन के सामाजिक प्रभाव वाले पक्षों पर छोटी छोटी फिल्मों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है। तो आप भी उठाइये अपना कैमरा और बना डालिये अपने आस पास मौज़ूद जलवायु परिवर्तन के अनछुए पहलू पर कोई लघु फिल्म…क्या …
भारत सुल्तानों-नवाबों के वक्त से ही गुलामों का प्रचलन रहा है। स्थानी रजवाड़ों में भी गुलामों की भरमार रहती थी जिन्हें हब्शी कहते थे। अरब और पूर्वी अफ्रीकी राज्यों से भारत के व्यापारिक रिश्ते थे। भारत में केरल से गुजरात तक के पश्चिमी तट पर माल उतारा जाता था। …
शरद् मेरी प्रिय ऋतु है | ऐन अरबर में फ़ॉल बहुत खूबसूरत है | पत्ते आग की तरह देखते हैं | पेड़ की डाल लाल नारंगी पीले ऱत्न भर गया | शीतल हवा चल रही है, तेज़ और स्फूर्तिदायक | अपना मन में रंग, धूप, और हवा नाच और खेल …
अब तुम मुझे पसन्द नहीं बुढ़ी हो गई है मेरी सोच जा चुका है बसन्तउत्सव जो कभी आया ही नही रोज के लिये भी नही बचा कुछ सूख गई मिटटी सभी गमलों की किसी बीज की प्रतिक्षा में अब तुम मुझे पसन्द नहीं बुढ़ी हो गई है मेरी सोच दिल …
सामग्री आलू उबले = 250 ग्राम गाजर कसी = 1 शिमला मिर्च कटी = 2 चम्मच हरा धनिया कटा = 2 चम्मच सिंघाडे का आटा या बेसन = 3 चम्मच काली मिर्च पाउडर = ½ चम्मच सेन्धा नमक = स्वादानुसार नीम्बू का रस = ½ चम्मच तेल या घी …
फिर आज मेरे रूबरू हैं, मुझे डराने आए हैं, वो सवाल....... पूछा करता था, मेरा दिल जो मुझसे......... अब तो न टूटने दोगे कभी........? एक बिखरते शीशे का दर्द, उसका अक्स ही समझा होगा, आइना होता तो, मेरा भी अक्स होता, किसी ने समझा होता.......... फिर से आज कोई …
ये है अपनी इरा दीदी. पत्रकारिता के शुरुआती दौर में मुझ जैसी कई नई लड़कियो की प्रेरणा. हमने जब सोचा कि इस पेशे में जाएंगे तब तलाश शुरु हुई अपने आदर्श की. महिलाओं में चंद नाम ही थे सामने. उनमें एक इरा जी का भी था जो बाद में मेरी …
हम सदैव किसी न किसी प्रस्तुतिकरण के दौर में रहते है। हर समय हमें बहुत से लोग देख रहे होते है। जब वह हमें देखते है तो हमारे बारे में सोचते है। हमारी छवि का आकलन करने लगते है। यह सब वह होते है जो रोज ही हमसे मिलते है। …
किसकी नज़र लग गई हमारे अच्छे खासे फूले ताज़े शेयर बाज़ार को। ये अमेरिका वालों ने तो अपनी ऐसी की तैसी कराई ही साथ ही दुनिया भर को लंगड़ा बनाने के माहौल पैदा कर दिये। अपने तो दुनिया भर का पैसा मार कर फिर उन्हीं सट्टेबाज़ों को बचाने में लगे …
एक राजा जंगल में शिकार खेलने जाया करता था ! उसी रास्ते में सड़क किनारे एक फकीर की कुटिया भी थी ! तो राजा जब भी उधर से निकलता तब उसकी फकीर से दुआ सलाम होने लग गई ! और धीरे २ राजा की उस फकीर में श्रद्धा हो …
गोल्डी बहल कि द्रोणा देखकर सिनेमा हाल में दर्शकों को इतना रोना आया कि वहां के हालत बाढ़ जैसे हो गए और कई टाकीजों में शो रद्द करने पड़े। भगवान् बचाए ऐसी फिल्मों और फ़िल्म वालों से जो सिर्फ़ अपना टाइमपास करने के लिए फिल्म बनाते है, जिन्हें ना …
अपनी अभिव्यक्तियों को अभिव्यक्त किजिए बिना किसी डर, सकोंच और हिचकिचाहट के, ये संसार तुम्हारी प्रतिक्षा मे है। और तुम सिद्ध करो अपना औचित्य कि तुम श्रेष्ठ हो। हमारे मन के किसी कोने में जब किसी कला ने जन्म लिया था और हमने कल्पनाओं के पंखों से उड़कर उसे अपने …
(ज्ञानदत्त पाण्डेय जी के ब्लॉग से साभार) ठगी का प्रसंग:....रात मा जब हमरे सब रुकेन तौ हमैं इहै सोचि-सोचि कै बहुत देर तक नींद नहीं आई कि ई सब ठग हैं! हम जागै कै पूरी कोसिस किहेन लेकिन थोडी देर बाद सोइ गयन! कुछै देर बीता कि हमार आंख मुर्गा …
पाकिस्तानी शायर अफ़जाल अहमद की यह कविता नौजवानों की पत्रिका 'आह्वान' में पढ़ने को मिली... शायरी मैंने ईजाद की काग़ज़ मराकशियों ने ईजाद किया हरूफ़ फीनिशियों ने शायरी मैंने ईजाद की कब्र खोदने वाले ने तन्दूर ईजाद किया तन्दूर पर कब्ज़ा करने वालों ने रोटी की पर्ची बनायी रोटी लेने …
हनुमत्सहस्त्र नामावली
विनियोगः-
ॐ अस्य
श्रीहनुमत्सहस्त्रनामस्तोत्रमन्त्रस्य
ब्रह्मा ऋषिः हनुमान देवता,
अनुष्टुप छन्द, ह्रां बीजं
श्रीं शक्ति,
श्रीहनुमत्प्रीत्यर्थं-तद्सहस्त्रनामभिरमुकसंख्यार्थ
पुष्पादिद्रव्य समर्पणे
विनियोगः।
ध्यानः-
ध्यायेद्
बालदिवाकर-द्युतिनिभ
देवारिदर्पापहं
देवेन्द्रमुख-प्रशा्तयकसं
देदीप्यमान रुचा।
सुग्रीवादिसमतवानरयुतं
सुव्यक्ततत्त्वप्रियं
संरक्तारुणलोचनं पवनजं
पीताम्बरालंकृतम्।।
उद्यदादित्यसंकाशमुदारभुजविक्रमम्।
कन्दर्पकोटिलावण्य
सर्वविद्याविशारदम्।।
श्रीरामहृदयानन्दं
भक्तकल्पमहीरुहम्।
अभयं वरदं दोर्म्मा
चिन्तयेन्मारुतात्मजम्।।
ॐ
यह ग़ज़ल प्रसिद्द शायर श्री सिब्बन बैज़ी की है - कब तलक दिखलाएंगी रास्ता मियां जिंदगी के दस्त में चालाकियां कारगर साबित हुई अक्सर हमें ताज से बढ़कर सफर में जूतियाँ देखते हम भी तमाशा क्या करें सिर्फ़ किस्सों में बची है नेकियाँ सोचकर हमने यही सर रख दिया …
आज तुने जो हिम्मत दिखाई है मेरी जान मे फिर से जान आई है !! अपने हक के लिए बोलना बहुत सिखाया मैंने आज तुने जुबां खोल कर मेरी इज्ज़त बढ़ाई है !! खुद के लिए लड़ना कभी गलत नहीं रहा लेकिन ज़ुल्म सहना सबसे बड़ी बुराई है !! …
कुलाधिपति द्वारा अनुमोदित पाठ्यक्रम से स्वायत्ता के नाम पर छेड़छाड़ करना कॉलेजों को मंहगा सौदा साबित हो सकता है। पाठ्यक्रम मे फेरबदल करने के दोषी पाए जाने कॉलेज का न केवल उसको दिया जाने वाला अनुदान रोका जा सकता है बल्कि छात्रों की डिग्री भी अमान्य कर दी जाएगी। उच्च …
ज़ेन मास्टर हाकुइन जिस गाँव में रहता था वहां के लोग उसके महान गुणों के कारण उसको देवता की तरह पूजते थे। उसकी कुटिया के पास एक परिवार रहता था जिसमें एक सुंदर युवा लड़की भी थी। एक दिन उस लड़की के माता-पिता को इस बात का पता चला …
दादा की श्वेत मित्र मंडली पीटर और स्टीव भी हाथ हिलाते उन की ओर बढ़ रहे थे । शकुन जी ने तुंरत उन दोनों को भी न्यौत दिया था .... दादा शुरू हो गए अपने सोमनाथ के खंडहरों ,हड़प्पा और मो एन जो दारो की खुदाई कथा को ले कर …
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इण्डिया जिले की सभी आठों विधानसभा सीटा पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगी। यह बात पार्टी के प्रदेशाघ्यक्ष डॉ० मोहनलाल पाटील ने रविवार को पत्रकार वार्ता मे कही। श्री पाटिल ने कहा कि पार्टी का चुनावी मुद्दा गरीब, छुआछूत, अशिक्षा, मंहगाई, भ्रष्टाचार मिटाना मुख्य समस्याएं होगीं। लेकिन पानी, …
Mon 06 October, 2008
जानकर अच्छा लगा की कई लोगों को हमारे इस पोस्ट की प्रतीक्षा थी| लीजिये हम आ गए हैं आपको इस जानकारी से अवगत करवाने| बिल्लियाँ एक ऐसा प्राणी हैं, जो अद्भुत रूप से अपने शरीर को हवा में ही घुमा सकती हैं और नीचे गिरने से पहले अपने शरीर को …
कृष्ण स्वयं को सहेज नही प् रहे थे। कल तक वे एक नंदकिशोर गोपालक हुआ करते थे और आज वे यदु वंश की नींव का पत्थर बनने जा रहे थे। अत्यन्त नाटकीयता से कंस का वध तो हुआ परन्तु सभी जानते है कि यह एक पूर्वनियोजित योजना थी। पिता वासुदेव …
मेइज़ी युग (१८६८-१९१२) के नान-इन नामक एक ज़ेन गुरु के पास किसी विश्वविद्यालय का एक प्रोफेसर ज़ेन के विषय में ज्ञान प्राप्त करने के लिए आया। नान-इन ने उसके लिए चाय बनाई। उसने प्रोफेसर के कप में चाय भरना प्रारम्भ किया और भरता गया। चाय कप में लबालब भरकर …
छत्तीसगढ़ प्रदेश के 17 हजार 606 गांवों में ग्राम स्वच्छता समितियों का गठन | पन्द्रह हजार 326 समितियों को 15.32 करोड़ रूपए का आबंटन रायपुर, 06 अक्टूबर 2008 - मुख्यमंत्री स्वस्थ पंचायत योजना के अन्तर्गत प्रदेश के सभी गांवों में ग्राम एवं स्वच्छता समितियों का गठन किया जा रहा …
उनकी आँखों में प्यार का दरिया हमेशा बहता लगता है क्योंकि बाज़ार के खिलाडी हैं जहां इन्हीं अदाओं पर सौदागर का काम चलता है बाज़ार में दोस्ती होती नहीं की जाती हैं फायदे के लिए चले तो कई बरसों तक प्यार और दोस्ती का सफ़र यूं ख़त्म हो जाता है …
राजस्थान सरकार ने मंगलवार को अलग-अलग आदेश जारी करके चुनाव आचार संहिता लगने से पहले एक बार फिर राज्य प्रशासन में फेरबदल किया है. इस बार राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के 61 और राजस्थान पुलिस सेवा (आरपीएस) के 16 अफसरों के तबादले किए हैं.इनमें ज्यादातर अफसर वे हैं जो अपने …
सुरेश कोहली सौजन्य: जनसत्ता इस बात को काफी समय नहीं हुआ है जब फिल्म निर्माता यह नहीं जानते थे कि वे अपनी फिल्म के हिट या फ्लॉप होने के बाद बचे हुए पोस्टरों का क्या करें। इन्हें अक्सर अलमारियों, रसोईघर, नहानघर या बड़े निर्माताओं के गोदामों में अक्सर रख दिया …
लगता है हरियाणा पुलिस ने कसम खा ली है कि वह नहीं सुधरेगी। सरिता कांड, सुमन कांड और ऐसे ही कई कांड उसकी आंखें नहीं खोल पा रहे हैं। चोर मजे से अपने काम को अंजाम देते हैं। पुलिस को सूचित किया जाता है तो वह अगले दिन सुबह पहुंचती …
कोई सात साल पहले की बात है. मैं हमेशा डरा-डरा सा अनुभव करता था. मैं बचपन से ही बहुत संवेदनशील था इसलिए छोटी-छोटी घटनाएं भी मेरे मन में बहुत गहरे बैठ जाया करती थीं. उस समय तो मैं उसे बाहर व्यक्त नहीं होने देता था लेकिन १२-१३ साल की उम्र …
दोस्तों, आज हमने डेल्टा की पहली वर्ष गाँठ मनाई, माँ कात्यायनी के चरणों में, छतरपुर मन्दिर,नयी दिल्ली में। पिछले वर्ष षष्ठी तिथि को ही हमारे एक माननीय सदस्य ने माता वैष्णो देवी के दरबार में डेल्टा की स्थापना की थी, संकल्प लिया था। पिछले वर्ष हम कुछ लोगों ने एक …
नाम : दीपा जोशी जन्मतिथि : 7 जुलाई 1970 स्थान : नई दिल्ली शिक्षा : कला व शिक्षा स्नातक, क्रियेटिव राइटिंग में डिप्लोमा और रेडियो राइटिंग में PG. कार्यक्षेत्र : भारतवर्ष के हृदय ‘दिल्ली’ में सूचना व प्रसारण मंत्रालय में कार्यरत। मासिक पत्रिकाओं व हिन्दी दैनिक में कुछ लघु लेखों …
एक तरफ़ निजी क्षेत्र हैं जहाँ छुटि्टयों के लिए इन्तजार करना पड़ता है और दूसरी तरफ़ सरकारी कार्यालय हैं जो खुलने से ज्यादा बंद रहते हैं [ खुलते भी हैं तो कितना काम करते हैं ? ] विदेशों की नक़ल कर के उन्होंने सप्ताह में दो दिन छुट्टी कर …
एक तरफ़ निजी क्षेत्र हैं जहाँ छुटि्टयों के लिए इन्तजार करना पड़ता है और दूसरी तरफ़ सरकारी कार्यालय हैं जो खुलने से ज्यादा बंद रहते हैं [ खुलते भी हैं तो कितना काम करते हैं ? ] विदेशों की नक़ल कर के उन्होंने सप्ताह में दो दिन छुट्टी कर …
हनुमत्सहस्त्र नामावली
विनियोगः-
ॐ अस्य
श्रीहनुमत्सहस्त्रनामस्तोत्रमन्त्रस्य
ब्रह्मा ऋषिः हनुमान देवता,
अनुष्टुप छन्द, ह्रां बीजं
श्रीं शक्ति,
श्रीहनुमत्प्रीत्यर्थं-तद्सहस्त्रनामभिरमुकसंख्यार्थ
पुष्पादिद्रव्य समर्पणे
विनियोगः।
ध्यानः-
ध्यायेद्
बालदिवाकर-द्युतिनिभ
देवारिदर्पापहं
देवेन्द्रमुख-प्रशा्तयकसं
देदीप्यमान रुचा।
सुग्रीवादिसमतवानरयुतं
सुव्यक्ततत्त्वप्रियं
संरक्तारुणलोचनं पवनजं
पीताम्बरालंकृतम्।।
उद्यदादित्यसंकाशमुदारभुजविक्रमम्।
कन्दर्पकोटिलावण्य
सर्वविद्याविशारदम्।।
श्रीरामहृदयानन्दं
भक्तकल्पमहीरुहम्।
अभयं वरदं दोर्म्मा
चिन्तयेन्मारुतात्मजम्।।
ॐ
महिलाओं का देर रात घर से बाहर निकलना साहस की बात नहीं है. चलिए, मान लिया. तो, आखिर वे क्या-क्या बातें हो सकती हैं जिन्हें, बकौल शीला दीक्षित, साहस की बात कही जा सकती है? चलिए एक राउंडअप लेते हैं – *एक नेता के लिए : 25 करोड़ लेकर …
एक तरफ़ निजी क्षेत्र हैं जहाँ छुटि्टयों के लिए इन्तजार करना पड़ता है और दूसरी तरफ़ सरकारी कार्यालय हैं जो खुलने से ज्यादा बंद रहते हैं [ खुलते भी हैं तो कितना काम करते हैं ? ] विदेशों की नक़ल कर के उन्होंने सप्ताह में दो दिन छुट्टी कर …
पंडित रमाशंकर अपने शहर के बहुत मशहूर पंडित थे। पुरे शहर में सभी उनका सम्मान करते थे। सारा शहर उन्हें बहुत ही न्याय प्रिया और दयालु मानते थे। यूँ तो पंडित रमाशंकर बहुत दयालु थे, पर उन्हें अपने ब्राम्हण होने पर बड़ा ही घमद था। वे सोचते कि ब्राम्हण भगवन …
-फिरदौस खान-बेशक भारत आर्थिक और परमाणु शक्ति बनने की ओर अग्रसर है, लेकिन बच्चों के स्वास्थ्य के मामले में वह काफी पीछे है। मध्य प्रदेश में कुपोषण से हो रहीं मौतें इस बात को साबित करने के लिए काफी हैं। गौरतलब है कि पिछले करीब एक पखवाड़े में मध्यप्रदेश के …
मोनालिसा की रहस्यमयी मुस्कान को भला कौन भुला सकता है। आइये आपको मिलवाते हैं 'इंडियन मोनालिसा' से। बीएचयू स्थित भारत कला भवन में कुषाण काल की सर्वाधिक सुंदर स्त्री की मूर्ति है जिसका नाम 'प्रसाधिका' है। मोनालिसा की पेंटिंग की तरह ही इस प्रसाधिका की खासियत भी यह है …

