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अक्षरग्राम नेटवर्क

Mon 08 September, 2008

Ashok Pande द्वारा 06:00 pm (IST) पर
चिट्ठा : सुख़नसाज़
मेहदी हसन साहब की एक प्रसिद्ध फ़िल्मी कम्पोज़ीशन प्रस्तुत है: ख़ुदा करे कि मोहब्बत में ये मक़ाम आये किसी का नाम लूं लब पे तुम्हारा नाम आए कुछ इस तरह से जिए ज़िन्दगी बसर न हुई तुम्हारे बाद किसी रात की सहर न हुई सहर नज़र से मिले, ज़ुल्फ़ ले
Bhupendra Singh द्वारा 05:56 pm (IST) पर
चिट्ठा : Bhupendra Singh
आशा भोसले पुरकशिश आवाज की मल्लिका और उनके गानों ने न केवल छह पीढि़यों का दिल बहलाया बल्कि गायिकी के क्षेत्र में एक नया प्रतिमान भी स्थापित किया। वह आज 75 बसंत पूरे कर रहीं हैं। हर पीढ़ी के दिल की धड़कन रही बहुविध गानों को सुर देने वाली
Mahendra द्वारा 05:54 pm (IST) पर
............................. मैं मन्‍हूष हूं कोई बदनुमा दाग हूं सारे संसार का लगे कर्जदार हूं सारे दुख - दर्द इस जग के देखो सजा देते मुझे मि‍ल के मैं भुगतूं । पत्‍थरों की चोट से भी गहरे-गहरे अहसास, सि‍र आ पड़े ये कहते कर्म (गुमनाम) हूं जैसे कि‍ मैं कोई
(janak zala) द्वारा 05:40 pm (IST) पर
हम सबको टाईटैनिक की वह दुर्घटना अच्छी तरह याद है... जब वह वर्ष 1912 की 15 अप्रेल को नोर्थ अटलान्टिक महासागर में एक हिमखंड से टकराकर डूब गया था...इस दुर्घटना में करीबन 1,517 लोगों की मृत्यु हुई थी... खैर हमने टाईटैनिक को तो नहीं देखा लेकिन उससे जुड़ी ... आगे पढ़ें...
श्रीकांत पाराशर द्वारा 05:39 pm (IST) पर
चिट्ठा : Dakshin Bharat
कर्नाटक की संस्कारधानी मैसूर में मनाया जाने वाला दशहरा महोत्सव विश्व विख्यात है। इस महोत्सव में शामिल होने के लिए देश-विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं। इस महोत्सव के दौरान निकाली जाने वाली 'जम्बो सवारी' का बड़ा महत्त्व होता है। इस सवारी में कई हाथी एक साथ एक शोभायात्रा के
आशीष द्वारा 05:37 pm (IST) पर
EMBEDDED COMMENT BOX ब्लॉगर ब्लॉग की सबसे बड़ी परेशानी यही है कि इसमें कमेंट के लिए बॉक्स पोस्ट के नीचे उपलब्ध नहीं है। कमेंट करने के लिए एक लिंक पर क्लिक करना पड़ता है और तब कहीं जाकर कमेंट का बक्सा खुलता है। लेकिन ब्लॉगर पर भी अब यह सुविधा
Abhivyakti द्वारा 05:34 pm (IST) पर
चिट्ठा : Abhivyakti
धड़कते दिल और नीची निगाहों के साथ सुजा ने अन्दर घुस सब को " नमस्ते " ! कहा , और बैठ गई। प्रगति चाय लाने चली गईं और उन्नति की माँ ने कहना शुरू किया ..... " बेटी , क्या बताऊँ ? क्या पाप थे हमारे कि उन्नति ऐसा कर
रचना द्वारा 05:33 pm (IST) पर
चिट्ठा : नारी
आज हिन्दी मीडिया पर नारी ब्लॉग की सार गर्भित समीक्षा की गयी हैं । जिस के लिये नारी ब्लॉग की सदस्या दिल से आभारी हैं ।समीक्षा मे कहा गया हैं दुनिया की आधी आबादी स्त्री जाति की है। हिन्दी ब्लागिंग की दुनिया में भी यह अपना कदम मजबूती से जमा
vinayakam द्वारा 05:27 pm (IST) पर
HAPPY BIRTHDAY TO ASHAAJI........ परदे में.न रहने दो, परदा न उठाओ परदा जो उठ गया तो भेद खुल जायेगा अल्लाह मेरी तौबा, अल्लाह मेरी तौबा ... मेरे परदे में.न लाख जलवे है.न कैसे मुझसे नज़र मिलाओगे जब ज़रा भी नकाब उठाउऊ.नगी याद रखना की, जल ही जाओगे परदे में.न रहने
Ashok Pande द्वारा 05:25 pm (IST) पर
चिट्ठा : कबाड़खाना
अभी कुछ दिन पहले कबाड़ख़ाने पर दिवंगत वेणुगोपाल पर एक अद्भुत संस्मरण लिख चुके वीरेन डंगवाल की एक कविता प्रस्तुत है: ज़रा देखिये कहां-कहां किन-किन आसमानों और उनसे भी पार पहुंच जाने की कूव्वर रखता है हमारे समय का यह महाकवि: चारबाग़ स्टेशन : प्लाटफ़ार्म नं. 7 'तुम झूटे ओ'
Anil Pusadkar द्वारा 05:23 pm (IST) पर
राजधानी रायपुर में टोनही कहकर एक महिला को प्रताड़ित करने का प्रकरण सामने आया है। ये प्रकरण इसलिए ज्यादा दुखद और महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रताड़ित करने वाले लोग गाँव के देहाती या अनपढ़ गंवार न होकर पढ़े-लिखे शहरी हैं। छत्तीसगढ़ के गाँवों में तो अक्सर टोनही के नाम पर
मुकेश कुमार मिश्र द्वारा 05:23 pm (IST) पर
चिट्ठा : नवांकुर
आज परिवेश इतना विषाक्त हो चुका है कि हमारे नौनिहाल भी नशीले पदार्थों के आदी होते जा रहे हैं । कही न कही इसमें माता-पिता की व्यक्तिगत व्यस्तता तथा आस-पास का वातावरण प्रमुख कारण है । आज देश में नशीले पदार्थॊ का सेवन करने वालों में बच्चों किशोरों की संख्या
ऋतेश त्रिपाठी द्वारा 05:14 pm (IST) पर
चिट्ठा : सस्ता शेर
पेशे-ख़िदमत है हुसैनी खांडवी साहब की एक गज़ल, जिसमें वो अपना और हमारे शादी-शुदा पाठकों का हाले-दिल बयाँ कर रहे हैं- आज तक वो बैण्ड-बाजे शामियाना याद है, खुद को इतनी धूम से सूली चढाना याद है, तीन मौके भी दिये थे काज़ी ने गौर-ओ -फ़िक्र के, आज तक
chandan kumar द्वारा 05:08 pm (IST) पर
स्वतंत्र संवाददाता जमशेदपुर (31.08.08) -राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जमशेदपुर की ओर से बाढ़ पीडितोँ के लिए रेलवे से भारी मात्रा मेँ भोजन सामग्री बरौनी भेजा गया, पूरे जमशेदपुर के स्वयंसेवको द्वारा भोजन सामग्री इक्टठा किया गया था जिसमे चुड़ा मुड़ी मोमबती माचिस, गुड़, चना, चीनी, सुखा, दुध इत्यादि था सभी तीन
कविता: कुछ कहती है हर बार द्वारा 05:06 pm (IST) पर
रोशन अँधेरा , भटकी मंजिलें हैं , राहे-राहे मुंह चिढाती मुश्किलें हैं , है मुट्ठी की रेत या की जागती नींद का सपना, शायद खोये ख्यालों की महफिलें है , मुश्किल सवाल उलझाने बेमिसाल , मन्नत में माँगा मकडी का जाल , भुलभुल्लैया को भुला दे , इस इमारत
SANJAY SINGH द्वारा 05:05 pm (IST) पर
चिट्ठा : Rudra Sandesh
ज्यामिति का उद्भव भारत में यज्ञ की बेदी का निर्माण करने के संदर्भ में हुआ था। शुल्बसूत्र भारत की प्राचीन रचनाएँ हैं - जो यज्ञ के लिए वेदियों के निर्माण का वर्णन करती हैं। मूल रूप से ये ज्यामितीय रचनाओं पर केन्द्रित हैं। शुल्ब का अर्थ हैं नापना अथवा
मुकेश कुमार मिश्र द्वारा 04:58 pm (IST) पर
मुझे रास्ते में नदियाँ मिलती थीं हँसती खिलखिलाती कभी-कभी समुद्र भी मिल जाते थे इन नदियोँ की ज़्यादती से परेशान इनकी ढिठाई से वे रहते थे हैरान उनकी व्यथा-कथा भी कुछ और थी सदियों से वे सह रहे थे नदियों की प्रताड़ना झेल रहे थे अपार वेदना पर कभी कुछ
डॉ0 परवेज़ फातिमा द्वारा 04:44 pm (IST) पर
मैं तनहा हूँ , नहीं भी हूँ के मेरा ज़हन खाली एक पल को भी नहीं रहता न जाने किन खयालों के सफरनामे हमेशा सामने रहते हैं जिनको पढता रहता हूँ. समंदर के मनाज़िर, शोरिशें, मौजों की बर्क-आमेज़ तक़रीरें, रुपहले, रूई जैसे नर्म मजनूं बादलों के रक्स की थिरकन,
भागीरथ द्वारा 04:40 pm (IST) पर
कर्नाटक उच्च न्यायालय की सिफारिश के बाद राज्य सूचना आयोग की पूर्ण बेंच ने आयोग के पूर्ववर्ती फैसले को बरकरार रखते हुए बंगलुरू इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सूचना कानून के दायरे में माना है। मुख्य सूचना आयुक्त के के मिश्रा, सूचना आयुक्त एच एन कृष्णा और के ए थिप्पेस्वामी की बेंच
मयंक सक्सेना द्वारा 04:35 pm (IST) पर
चिट्ठा : CAVS संचार
हिन्दी सप्ताह के लिए मांगी गे रचनाओं की पहली रचना आ चुकी है, और रचना वाकई में एक सुखद आश्चर्य की तरह आई है। हिन्दी सप्ताह के आयोजन की पहली रचना भेजी है देविका छिब्बर ने और यह सुखद आश्चर्य इसलिए है की हमारे ज़्यादातर साथियों ने देविका से हिन्दी
भागीरथ द्वारा 04:34 pm (IST) पर
लंबित शिकायत को निपटाई गई बताना वर्धा के पूर्व स्थानीय डिप्टी कलेक्टर नरेन्द्र लोंकर को महंगा पड़ा है। महाराष्ट्र के सूचना आयुक्त विलास पाटिल ने ताराचंद चौबे के आवेदन का गलत जवाब देने के लिए नरेन्द्र लोंकर के खिलाफ दंडनीय कारवाई के आदेश दिए हैं। ताराचंद ने अपने आवेदन में
sujeet द्वारा 04:32 pm (IST) पर
चिट्ठा : अदालत
माना की बिहार में जल का स्तर कम होना शुरू हो गया है लेकिन अब तो वहां की परेशानियाँ और भी बढ़ गयी है क्योकि वहां अब महामारी का प्रकोप काफ़ी बढ़ गया है सही मातृ में वहां दवाई उपलब्ध नहीं है लोग मरन्नासन्न अवस्था में हैं लेकिन सुनाने वालों
विवेक सिंह द्वारा 04:28 pm (IST) पर
चिट्ठा : स्वप्नलोक
छीना दिन का चैन भी, उड़ी रात की नींद । भूलो यह विश्राम अब्, कर दी है ताकीद । कर दी है ताकीद, मिलेगी तनख्वाह मोटी । तुमने मेरा ब्लॉग, अगर पहुँचाया चोटी । विवेक सिंह यों कहें, हुआ यूँ एक महीना । उड़ी रात की नींद, चैन दिन का
घन्नू झारखंडी द्वारा 04:10 pm (IST) पर
हिन्दीभाषियों के खिलाफ बाल ठाकरे की विरासत को गर्व से आगे बढ़ाने में लगे राज ठाकरे रोज घृणा की नयी परिभाषा गढ़ने का बहाना ढूंढ़ने में लगे रहते हैं। वह एक तरह से सठिया गये हैं, क्योंकि कानून, समरसता की भावना, इंसानियत के जज्बे से वह खुद को उपर समझते
Shuaib द्वारा 03:58 pm (IST) पर
पहले से अच्छा नेहला धुलाकर ख़ुदा को फिलहाल इस नये चिट्ठे पर लाया जा रहा है जो अबसे पहले यहां थे यानी http://shuaib.in/chittha (नई बातें / नई सोच) पर ज़बर्दस्त बड़बड़ाते रहे मगर इनका ब्लॉग अपग्रेड करते वक़्त बुरी तरह फिसल गिरे मगर शुक्र है दांत नहीं टूटे चूंकि दांत
डा. फीरोज़ अहमद द्वारा 03:56 pm (IST) पर
_ सीमा गुप्ता _ मंजिल नहीं थी कोई मगर गामज़न हुए ख़ुद राह चुन के तेरी तमन्ना लिए हुए फिर साया मेरा देके दगा चल दिया किधर हम आईने को तकते रहे जाने किस लिए दिलदार ने भुला दिया पर हमने उसको यूँ सजदे सुकून-ऐ-दिल के लिए कितने कर
दिव्यदृष्टि द्वारा 03:55 pm (IST) पर
चिट्ठा : तीखी नज़र
गुमसुम बैठे गांगुली दीख रहे नाराज खस्ताहाली देखकर दुखी हुए युवराज दुखी हुए युवराज , टीम से होकर बाहर किए वापसी कैफ फिरें मस्ती में नाहर दिव्यदृष्टि चाहे जो भी जीते ' ईरानी ' दादा के घर मगर रहे छाई वीरानी
N.P. Singh द्वारा 03:44 pm (IST) पर
चिट्ठा :
दिल्ली का अंबेडकर स्टेडियम। डूरंड कप का फाइनल मुकाबला शुरु होने को है। देश के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट में रस्म अदायगी के तौर पर इस बार खिलाड़ियों से रुबरु कराने के लिए मुख्य अतिथि की भूमिका में हैं ओलंपिक पदक विजेता विजेन्द्र सिंह। दो दिन पहले वो एक मनोरंजन
फ़िरदौस ख़ान द्वारा 03:24 pm (IST) पर
चिट्ठा : मेरी डायरी
हुस्ने-क़त्ल असल में मरगे-यज़ीद है इस्लाम जिंदा होता है हर कर्बला के बाद... इस्लाम अमन का मज़हब है...इस्लाम अपने दुश्मन को भी माफ़ करने का हुक्म देता है...कुछ लोग अपनी महत्वकांक्षाओं को पूरा करने के लिए इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं...कुछ तो आतंकवाद है...और कुछ लोग इस आतंकवाद की
rakhshanda द्वारा 03:19 pm (IST) पर
चिट्ठा : Pretty woman
रमजान का महीना शुरू हुए हफ्ता हो चुका है. इन दिनों कुछ रोजों की मसरूफियत और कुछ नेट की प्रोब्लम्स की वजह से ब्लॉग की दुनिया से नाता तकरीबन टूट सा गया था.  अपने पसंदीदा अदीबों और शायरों की याद तो आती रही और उनकी लिखी पोस्ट पढने को दिल
Gali-koocha द्वारा 03:09 pm (IST) पर
चिट्ठा : गली कूचा
कहते हैं मन चंगा तो कठौती में गंगा, यदि मन स्वस्थ है तभी कोई कार्य ठीक से पुरा होता है। और मन तब स्वस्थ रहता है जब तन स्वास्थ हो। बीमार शरीर में रहने वाला मन भी बीमार ही रहता है और कोई भी काम ठीक ढंग से नही होता।
(Bollywood Music) द्वारा 03:03 pm (IST) पर
क्या हुआ तेरा वादा वो कसम वो इरादा - मोहम्मद रफी
कंचन सिंह चौहान द्वारा 02:59 pm (IST) पर
चिट्ठा : हृदय गवाक्ष
अपने रिश्तों की चिता पर एक लकड़ी और आई, पर सुलगती ये अगन, फिर भी धधक कर जल न पाई। निम्नता लो, उच्चता लो, एक स्तर तो बना लो। और उस स्तर पे थम के, फिर मुझे अनुरूप ढालो। रोज का चढ़ना उतरना, अब थकावट पग में आई, और
Rachna Singh द्वारा 02:54 pm (IST) पर
चिट्ठा : Poems
बुराइयों की मीमांसा करते करते अच्छाइयों की समीक्षा करना हम कबका भूल चुके समय रहते चेत जाते तो याद रहता की विवादो की होती हैं मीमांसा और अपवादों की होती हैं समीक्षा विवाद से अपवाद का सफर बहुत था आसन बस हम ही रास्ता भटक गए
Aflatoon द्वारा 02:47 pm (IST) पर
चिट्ठा : आगाज़
नीरज मंचीय गीतकार रहे हैं और फिल्मी भी । अपनी रचनाओं को वे अपनी धुन में ही कवि सम्मेलनों - मुशायरों में सुनाते थे। आज जो गीत यहाँ पेश है उसकी धुन शायद कवि सम्मेलन वाली ही होगी । हमने तरुण शान्ति सेना के साथियों से ही इसे सीखा था
परम लौ द्वारा 02:41 pm (IST) पर
चिट्ठा : देव वानी
गाय हमारी माता है तो बैल..? अल्पविराम, ये सुनो… भाग - २ (Part 2) CERN Geneva - World's Biggest Atom Shmasher Experiment http://Guardian.co.uk/NEWS/blog/2008/sep/07/1 बहुत दिनो के बाद समय निकाल पाया ईस लेख के लिये| अभी भी कल की "कल्कि" खबर दिमाग में घूम रही है| शायद आपने भी सुनी होगी
India Net News द्वारा 02:40 pm (IST) पर
वाशिंगटन, ८ सितंबर- भारत अमरीका परमाणु करार को लेकर अमरीका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारो के बीच तीखे शब्दबाण चल रहे है । हालांकि दोनों उम्मीदवारों ने एनएसजीमें भारत को दी गई छूट का समर्थन किया है । रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जान मैक्केन ने एनएसजी से भारत को मिली
aspundir द्वारा 02:33 pm (IST) पर
चिट्ठा : शाबर-मन्त्र
सर्व-कामना-सिद्धि स्तोत्र श्री हिरण्य-मयी हस्ति-वाहिनी, सम्पत्ति-शक्ति-दायिनी। मोक्ष-मुक्ति-प्रदायिनी, सद्-बुद्धि-शक्ति-दात्रिणी।।१ सन्तति-सम्वृद्धि-दायिनी, शुभ-शिष्य-वृन्द-प्रदायिनी। नव-रत्ना नारायणी, भगवती भद्र-कारिणी।।२ धर्म-न्याय-नीतिदा, विद्या-कला-कौशल्यदा। प्रेम-भक्ति-वर-सेवा-प्रदा, राज-द्वार-यश-विजयदा।।३ धन-द्रव्य-अन्न-वस्त्रदा, प्रकृति पद्मा कीर्तिदा। सुख-भोग-वैभव-शान्तिदा, साहित्य-सौरभ-दायिका।।४ वंश-वेलि-वृद्धिका, कुल-कुटुम्ब-पौरुष-प्रचारिका। स्व-ज्ञाति-प्रतिष्ठा-प्रसारिका, स्व-जाति-प्रसिद्धि-प्राप्तिका।।५ भव्य-भाग्योदय-कारिका, रम्य-देशोदय-उद्भाषिका। सर्व-कार्य-सिद्धि-कारिका, भूत-प्रेत-बाधा-नाशिका। अनाथ-अधमोद्धारिका, पतित-पावन-कारिका। मन-वाञ्छित॒फल-दायिका, सर्व-नर-नारी-मोहनेच्छा-पूर्णिका।।७ साधन-ज्ञान-संरक्षिका, मुमुक्षु-भाव-समर्थिका। जिज्ञासु-जन-ज्योतिर्धरा, सुपात्र-मान-सम्वर्द्धिका।।८ अक्षर-ज्ञान-सङ्गतिका, स्वात्म-ज्ञान-सन्तुष्टिका। पुरुषार्थ-प्रताप-अर्पिता, पराक्रम-प्रभाव-समर्पिता।।९ स्वावलम्बन-वृत्ति-वृद्धिका, स्वाश्रय-प्रवृत्ति-पुष्टिका। प्रति-स्पर्द्धी-शत्रु-नाशिका, सर्व-ऐक्य-मार्ग-प्रकाशिका।।१० जाज्वल्य-जीवन-ज्योतिदा, षड्-रिपु-दल-संहारिका।
(Bollywood Music) द्वारा 02:33 pm (IST) पर
बताओ, दोनो सीधी लाईनो मे कौन सी बड़ी है ? बूझो तो जाने - पहेली है जी
अरविंद चतुर्वेदी द्वारा 02:32 pm (IST) पर
चिट्ठा : कृति
सड़क उस पार खड़े सिपाही पर नज़र गयी और मै आँटो से उतर कर उसकी ओर चल दिया। दिमाग़ में खुनन्स भरी हुयी थी परेशान था ज़्यादा सोचा भी नही बस सफ़ेद वर्दी धारी से जाकर कहा कि वो आ़‌टो वाला चलने से मना कर रहा है। चश्में के
(Bollywood Music) द्वारा 02:31 pm (IST) पर
तस्वीर देखकर बताईये कि ये जवान औरत है या बूड़ी औरत ?
Deepak M. द्वारा 02:28 pm (IST) पर
चिट्ठा : Indian Dreams
एक बार सुनील गावस्कर को आस्ट्रेलियन क्रिकेट बोर्ड की तरफ़ से लैटर आया की वो 'गावस्कर' नाम की एक फ़िल्म का प्रीमियर कर रहे हैं जिसमें वो सादर आमंत्रित हैं। गावस्कर ने जैसे ही लैटर पढ़ा उनके चेहरे पर हर्ष, हैरत जैसे कई भाव एक साथ तैर गए। और उन्होंने
sush12 द्वारा 02:23 pm (IST) पर
चिट्ठा : Sush12's Weblog
भाँदों   सुदी   अष्टमी   को   जगदीश्वरी   राधा  का   जन्म   हुआ   था   इसलिये    इस    दिन  राधा  व्रत   किया   जाता   है।श्री  राधाजी  का   पंचामृत   से   सनान   कराके  वस्त्राभूषणों  से  सजाकर   धूप पुष्प  माला  से   पूजन  कर  भोग  लगाकर  आरती   उतारनी   चाहिये,उनके  पूजन   से   लोक-परलोक  बनते   हैं।
(Bollywood Music) द्वारा 02:17 pm (IST) पर
एक अच्छे दिन के लिये मनमोहक फोटो
Manish Kumar द्वारा 02:12 pm (IST) पर
आज आशा ताई की ७५ वीं सालगिरह है। कुछ दिनों पहले उन्हें 'सा रे गा मा' के मंच पर गाते सुना था। अभी भी वो खनक, वो माधुर्य जस का तस बना लगता है। आज इस खुशी के अवसर पर गीत और ग़ज़लों का ये गुलदस्ता आपके लिए पेश-ए-खिदमत है।
मृत्युंजय यकरंग द्वारा 02:08 pm (IST) पर
बदहवास कोसी ... बच्चे बूढे, कच्चे चूल्हे / घास के पुले, कपड़े जूते/ टपरा, बछिया, आगन से खटिया / रूपया, धान, हदों के निशान / बड़ी - पापड़ चिट्ठी पत्तर मिट्टी के खिलोने , बिस्तर -बिछौने आले की लालटेन खुटी से बस्ते कापी ,पेन बदहवास 'कोसी' ले गई कितना
Raviratlami द्वारा 02:07 pm (IST) पर
चिट्ठा : रचनाकार
मेरी आत्म कथा चार्ली चैप्लिन ------   चार्ली चैप्लिन की आत्मकथा -अनुवाद : सूरज प्रकाश   चार्ली चैप्लिन की आत्मकथा आपने रचनाकार के पृष्ठों पर विगत दिनों सिलसिलेवार पढ़ी.   पूरी किताब पीडीएफ़ ईबुक के रूप में, तथा हिन्दी साहित्य की और भी ईबुक रूप में किताबें यहाँ से
admin द्वारा 02:05 pm (IST) पर
चिट्ठा : IndiaWaterPortal - Hindi -
वर्षाजल संरक्षणरेशमा भारती/ राष्ट्रीय सहारा/ देश के अधिकांश शहरों में अत्यधिक दोहन के कारण भूमिगत जलस्तर तो तेजी से घट ही रहा है, नदी, तालाब, झीलें आदि भी प्रदूषण, लापरवाही व उपेक्षा के शिकार रहे हैं। नदी जल बंटवारे या बांध व नहर से पानी छोड़े जाने को लेकर प्राय:
Indian-commodity द्वारा 02:02 pm (IST) पर
हिन्दी रूपान्तर यू टी आई मुचुअल फण्ड 409 करोड़ द्वारा यू टी आई की शोर्ट टर्म की निश्चित अवधि की योजना श्रंखला I से VI (91days) एकत्र करने केदौरान दौरान 22 अगस्त से लेकर 26 अगस्त 2008 तक के लिए एक नए फण्ड की अवधि को उपस्थित कीया। यह

 

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