नए चिट्ठों का पंजीकरण
नारायण! नारायण!
नारद मुनि का सभी भक्तो को प्रणाम।
आज से हम नारद पर नए चिट्ठों का पंजीकरण पुन: शुरु कर रहे है। नए चिट्ठाकार जिन्होने नारद पर पंजीकरण ना कराया हो वे इस लिंक पर जाकर अपने नए चिट्ठे को नारद मे जोड़ सकते है।
सभी साथियों से फिर से निवेदन है कि अपने चिट्ठे के फीड मे होने वाले किसी भी परिवर्तन की सूचना हमे अवश्य दें।
नारायण! नारायण!
नारद मुनि का सभी भक्तो को प्रणाम।
आज से हम नारद पर नए चिट्ठों का पंजीकरण पुन: शुरु कर रहे है। नए चिट्ठाकार जिन्होने नारद पर पंजीकरण ना कराया हो वे इस लिंक पर जाकर अपने नए चिट्ठे को नारद मे जोड़ सकते है।
सभी साथियों से फिर से निवेदन है कि अपने चिट्ठे के फीड मे होने वाले किसी भी परिवर्तन की सूचना हमे अवश्य दें।
नारायण! नारायण!
Labels: सूचना

9 Comments:
अच्छी खबर लाये हैं. मुनिवर, मेरी ई-दक्षिणा और ई-मिठाई का भोग स्वीकार करें.
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sanjay tiwari, At
1:09 PM
बस इंतजार खत्म…अच्छा लगा।
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Divine India, At
3:43 PM
Chaliyye hakikat ke Narad se mulaakat na sahi aaj jeetu ji ki meharbaani se aabhaasi narad se sakshatkaar ho gaya.Naarad hamaare purano ke ek adbhut charitra hain jinhone saare brhamaand ke/me sanchaar/samvaad ka jimma sambhaal rakhaa hai.magar unaki ek aur chhavi bhi janmanas me hai-chugalkhori ki aur aapas me ladaai jhagada karate rahane ki.kahaten hai ki aalha kaal ki ek charitra Maahil inke avataar the!aur inki ek aur kathaa se to Hindi janmanas bahoot parichit hai -Narad Moh ka.
Meri kaamana hai ki yah abhiyaan Maharshi NAARAD ke ujjval paksho ke sath aage badhataa jaaye aur Narad moh se door rahe....
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arvind mishra, At
12:22 PM
जो हमे अच्छा लगे.
वो सबको पता चले.
ऎसा छोटासा प्रयास है.
हमारे इस प्रयास में.
आप भी शामिल हो जाइयॆ.
एक बार ब्लोग अड्डा में आके देखिये.
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deepanjali, At
7:43 AM
मेरा याहू ब्लॊग नारद पर अपडेट क्यों नहीं दीख रहा? चिट्ठाजगत् पर तो ठीक आ रहा है। क्या करना चाहिए?
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Dr. Kavita Vachaknavee, At
5:49 PM
और हाँ, क्योंकि कमेन्ट्स पोस्ट करते समय मेरे web page के URL को आपका कमेन्ट एडीटर स्वीकार नहीं रहा था,सो अलग से उसका पता दे रही हूँ--http://360.yahoo.com/kvachaknavee
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कविता वाचक्नवी, At
5:54 PM
गुरूवर,
घंटे भर तक जितना दिमाग़ मिला है, उसे दौड़ाया, लेकिन गुत्थी ना सुलझी, सो लिख रहा हूँ.
पंजीकरण करानेवाला हर लिंक -(http://narad.akshargram.com/register/)-
एक जगह ले तो जाता है, मगर वहाँ ना दरवाज़ा दिखता है ना कोई खिड़की जिससे अपने ब्लॉग को ठेल-ठालके जगह दिला सकूँ.
थोड़ा दिमाग़वर्धन करें तो बड़ी कृपा होगी...सपाट शब्दों में कैसे रजिस्टर करवाएँ अपने ब्लॉग को, इसका कोई उपाय बताएँ.आभारी रहूँगा.
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अंतर्यात्री, At
9:46 AM
आपकी इस लिंक पर जाकर भी प्रयास किया परंतु केवल नारद तीव्र ही खुलता है...
कोई उपाय ?
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विजयकुमार दवे, At
6:59 AM
आपके "इस लिंक" से तो कोई लिंक नहीं मिल रही मुनिवर, बस तीव्र नारद बार बार खुल जा रहे हैं.समाधान करें.
बताते हुए ख़ुशी हो रही है कि अभी हमारी मुफ्तखोरी कि आदत नहीं पड़ी है और इसीलिए नारद की चिप्पी अपने ब्लोग पर लगाने की इच्छा है.कृपया सहायता करें.
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शिशिर उइके, At
10:14 AM
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