स्वागत कीजिए हिन्दी मे लिखने वाले नये चिट्ठाकारों का। हमारा परिवार दिन दूनी रात चौगनी की गति से बढता जा रहा है। नये चिट्ठाकार हैं:
भाई जगदीश भाटिया ये हमारे लिए
आईना ले कर आएं है।
भाई हितेन्द्र सिंह रायपुर(छत्तीसगढ) से
तिरछी नजरिया से अपने विचार प्रकट करेंगे।
अपने भाई रामचन्द्र मिश्र ने अपनी खींची तस्वीरो के लिये अलग से
फोटो ब्लॉग शुरु कर दिया है।
आई आई टी रूड़की से भाई दीपक लाए है
कुछ हमरी भी। सुनिए इनकी भी।
मानोशी जी ने खबर दी है कि
नई हवा बहने लगी है, काफी धाकड़ लोग है यहाँ। लेकिन ये नही समझ मे आया कि गुटबाजी की जरुरत क्यों आन पड़ी।
वाशिंगटन अमरीका से भाई अभिनव की
निनाद गाथा पढिए।
अपने कोटा वाले युगल मेहरा ने दो फोटो ब्लॉग शुरु किए है।एक मे वो रिक्वेस्ट कर रहे है
देख ले भाई।दूसरे मे वे
युगल चित्र कथा पेश कर रहे हैं। युगल भाई ये बात नही समझ मे आई, देख ले भाई तो लिख दिया, बहनों को क्यों भूल गया, या कुछ ऐसा है जो सिर्फ़ भाई देख सकते है। क्यों?
अपने समीर लाल जी
उड़नतश्तरी को कौन नही जानता? समीर जी ने मार्च मे ही लेखन शुरु किया था, उनकी उड़नतश्तरी मे आप सवार हुए कि नही? नही हुए तो अभी भी देर नही हुई है, मै तो कहता हूँ लपक लो।
इसके अतिरिक्त जो नये ब्लॉगर मित्र छूट गये है, हमे खबर की जाए।साथ ही यदि आपको किसी नये हिन्दी ब्लॉग का पता चलता है तो हमे जरुर बताएं।
नारायण! नारायण!
अपडेट : दिल्ली से प्रेमलता पान्डेय जी अपने मन की बात कहनी शुरु की है। इन्होने निवेदन किया है इन्हे तकनीकी मदद प्रदान की जाए।