पूरे घर के बदल डालूंगा
Posted on दिसम्बर 25th, 2004 द्वारा पंकज
क्रिसमस की इस संध्या पर जब आसपास सब जगमग हो रहा है तो सोचा कि चलो कुछ काम करते हैं । बैठा तो अपने सभी चिट्ठों की रुपरेखा बदल डाली। अक्षरग्राम को नीले और हाँ भाई तथा बीटा थॉटस को भगवा रंगो से नहला दिया। आशा है आप को पंसद आएंगे।
जाते जाते, भईया इंडीब्लॉगीज़ वाले हिन्दी ऑफिस इनाम में दे रहे हैं इसलिए अपने नामांकन भेजते रहिए। फिर न कहना कि बताया नहीं।
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अनुगूँज यानि सभी चिट्ठाकारों की किसी भी विषय पर सम्मिलित आवाज। अनुगूँज के पाक्षिक आयोजन में आयोजक चिट्ठाकार एक विषय देता है जिस पर सभी भाग लेने वाले चिट्ठाकार अपनी प्रविष्टि लिखते है। जी हाँ कुछ कुछ निबन्ध प्रतियोगिता की तरह, बस इसमे आपको अपनी कलात्मकता (जो नि:सन्देह आपके पास है) का मिश्रण करते हुए अपनी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखनी है।
अनुगूँज की समाप्ति के अवसर पर आयोजक चिट्ठाकार, सभी प्रविष्टियों का उल्लेख करते हुए एक लेख अक्षरग्राम पर लिखता है। अनुगूँज सम्बंधित नियम 




सभी साधुओ के अखाड़ों का अपना अपना झन्डा होता है, आपने अपना झन्डा नये रंग मे रंगा है..आपके झन्डे का बदला रंग अच्छा लगता है.
बधाई हो झन्डा बदलने पर
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